Friday, 4 July 2014

Samaj Sewa Santha By Shri Satpal Arora Ji,

Samaj Sewa Santha By Shri Satpal Arora Ji,
Samaj Sewa Santha By Shri Satpal Arora Ji
मानव होने के नाते जब तक हम एक-दूसरे के दुःख-दर्द में साथ नहीं निभाएँगे तब तक इस जीवन की सार्थकता सिद्ध नहीं होगी । वैसे तो हमारा परिवार भी समाज की ही एक इकाई है, किन्तु इतने तक ही सीमित रहने से सामाजिकता का उद्देश्य पूरा नहीं होता । हमारे जीवन का अर्थ तभी पूरा होगा जब हम समाज को ही परिवार माने ।
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