Samaj Sewa Santha By Shri Satpal Arora Ji
हम जिस समाज में रहते हैं उन्हीं के बीच हम खाते हैं, पीते हैं, जीते हैं व रहते है हमे निस्वार्थ भाव से समाज के लोगों की सेवा, मदद, हित करना। इससे पूरे राष्ट्र की व्यवस्था मे सुधार किया जा सकता है । समाज सेवा के द्वारा सरकार और जनता दोनों की आर्थिक सहायता की जा सकती है । पड़ोसियों की सेवा करना भी समाज सेवा ही है । आज हमारे देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर है, अतः समाज की सेवा करना हर युवा का कर्तव्य है । समाज के सेवकों का यह कर्तव्य है कि वे सच्चे दिल से समाज की सेवा करें । सच्चे हृदय से की गयी समाज सेवा ही इस देश व इस पूरे संसार व समाज का कल्याण कर सकती है ।
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हम जिस समाज में रहते हैं उन्हीं के बीच हम खाते हैं, पीते हैं, जीते हैं व रहते है हमे निस्वार्थ भाव से समाज के लोगों की सेवा, मदद, हित करना। इससे पूरे राष्ट्र की व्यवस्था मे सुधार किया जा सकता है । समाज सेवा के द्वारा सरकार और जनता दोनों की आर्थिक सहायता की जा सकती है । पड़ोसियों की सेवा करना भी समाज सेवा ही है । आज हमारे देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर है, अतः समाज की सेवा करना हर युवा का कर्तव्य है । समाज के सेवकों का यह कर्तव्य है कि वे सच्चे दिल से समाज की सेवा करें । सच्चे हृदय से की गयी समाज सेवा ही इस देश व इस पूरे संसार व समाज का कल्याण कर सकती है ।
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